INSPIRING HINDI POEM

inspiring hindi poem

लाख चुनौती आए मगर…..

चल हो तैयार एक नई उड़ान को,
चल हो तैयार एक नई पहचान को,
चल कस कमर तू अंधकार मिटाने को,
चल कस कमर तू ज्ञान का दीप जलाने को,
यदि साथी चल पड़े तुम हो तो कहीं नहीं रुकना होगा,
लाख चुनौती आए मगर संकल्प छोड़ नहीं लड़ना होगा,
कदम कदम पे बढ़ना होगा कदम कदम पे चढ़ना होगा।।

पथ पर होंगे रोड़े अनेक बाग बगीचे सम भी नेक,
तलवार की वो धार बनो पट जाओ पर रार नहीं,
यदि कूदो समर भूमि में तो कट जाओ पर हार नहीं,
लाख चुनौती आए मगर रण छोड़ नहीं लड़ना होगा,
कदम कदम पे बढ़ना होगा कदम कदम पे चढ़ना होगा ।।

सही ऋतु के इंतजार में साथी निरंतर बढ़ना होगा,
छोटी छोटी हर कोशिश से यु ही हिम पर चढ़ना होगा,
है कौन शख्स ऐसा जग में बिन गिरे चढ़ गया हिम में,
गिरने चढ़ने के युग में यूं हिम्मत से ही बढ़ना होगा,
लाख हिमस्खलन आए मगर हिम छोड़ नहीं चढ़ना होगा,
कदम कदम पे बढ़ना होगा कदम कदम पे चढ़ना होगा ।।

HAVE A NICE DAY!

CONTRIBUTED BY — KRISHNA PANDEY

8 thoughts on “INSPIRING HINDI POEM”

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